संगमा ने 1969 के चुनाव परिणामों को दोहराने और आदिवासी को राश्ट्रपति बनाने की अपील की

 संगमा ने 1969 के चुनाव परिणामों को दोहराने और आदिवासी को राश्ट्रपति बनाने की अपील की

संगमा ने 1969 के चुनाव परिणामों को दोहराने और आदिवासी को राश्ट्रपति बनाने की अपील की

रांची, 11 जुलाई:सीएमसीः भाजपा समर्थित राश्ट्रपति पद के उम्मीदवार पीए संगमा ने आज यहां देष के सभी विधायकों एवं सांसदों से अपनी आत्मा की आवाज पर देष का अगला राश्ट्रपति चुनने और सन् 1969 दोहराने की अपील की जब सांसदों और विधायकों के आत्मा की आवाज के आधार पर मतदान से नीलम संजीव रेड्डी को हरा कर इंदिरा गांधी समर्थित वीवी गिरी राश्ट्रपति चुनाव जीत गये थे।

राश्ट्रपति पद के लिए 19 जुलाई को हो रहे चुनावों के लिए अपने प्रचार के सिलसिले में यहां आज षाम पहुंचे पीए संगमा ने पत्रकार वार्ता में यह खुली अपील की। संगमा ने देष के राश्ट्र्रपति पद पर पहली बार किसी आदिवासी को बैठाने की भी अपील की।

संगमा ने एक सवाल के जवाब में स्वीकार किया कि राश्ट्रपति जैसे सर्वोच्च संवैधानिक पद के लिए आदिवासी नाम पर मत मांगना ठीक नहीं है लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि देष में आखिर आदिवासी कभी राश्ट्रपति क्यों नहीं बनाया गया।

पीए संगमा ने देष की सभी पार्टियों के विधायकों एवं सांसदों से और निर्दलीय विधायकों तथा सांसदोें से राश्ट्रपति चुनावों में समर्थन मांगा और कहा  िकवह अपनी पार्टी की तय लाइन छोड़ कर अपनी आत्मा की आवाज पर उन्हें अपना मत दें।

अपनी बेटी तथा केन्द्र सरकार में मंत्री अगाथा संगामा के समर्थन के बारे में पूछे जाने पर संगमा ने कहा  िकवह भी अब बड़ी और समझदार है तथा देष को संभाल रही है। ऐसे में वह अपनी आत्मा की आवाज पर अपनी समझदारी के हिसाब से स्वयं तय करेगी कि उसे इन चुनावों में किसे मत देना है।

संगमा ने कहा कि यदि विधायकों और सांसदों ने अपनी आत्मा की आवाज के आधार पर मतदान किया तो उन्हें कोई संदेह नहीं है कि देष में एक बार फिर 1969 दोहराया जायेगा जब सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी समर्थित उम्मीदवार नीलम संजीव रेड्डी को हराकर इंदिरा गांधी समर्थित वीवी गिरी राश्ट्रपति निर्वाचित हुए थे।

उन्होंने कहा कि अपने समर्थन के लिए उनकी जदयू और षिवसेना से की गयी अपील भी कायम है और उन्हें विष्वास है ििक अंतिम समय में ये दल भी उनका ही समर्थन करेंगे और चुनाव परिणाम चैकाने वाले होंगे।

उन्होंने कहा कि देष में राश्ट्रपति चुनाव निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर लड़ा जाता है और पार्टी व्हिप से हटकर मतदान करने पर किसी के खिलाफ दलबदल कानून के तहत कार्रवाई नहीं की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में ही संसद में बिरसा मुंडा की प्रतिमा लगायी गयी थी जो किसी भी आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी की वहां लगायी गयी पहली मूर्ति थी।

उन्होंने लोगों को याद दिलाया कि इतना ही नहीं केन्द्रीय मंत्री के तौर पर वह जब भी यहां आये उन्होंने बिरसा मुडा के दंर्षन किये और उनकी प्रतिमा को फूल माला चढ़ाया।

झामुमो अध्यक्ष षिबू सोरेन और आज्सू के अध्यक्ष सुदेष महतो से अपनी मुलाकात के बारे में पूछे जाने पर संगमा ने कहा कि दोनों ने ही उन्हें सकारात्मक रुख दिखाया है और कहा है  िकवह राश्ट्रपति चुनावों में किस को अपना मतदान देंगे इस पर षीघ्र फैसला करेंगे।

ALT-TEXT

YOUR-NAME

YOUR-BIO-HERE
ALT-TEXT

ALT-TEXT

VIJAY JADAV

Latest posts by Vijay Jadav (see all)

No comments

Powered by Blogger.