काषी के विकास के लिए लघु उद्योग को पुन; जीवित करना जरूरी - दयालू

 वाराणसी, 26 जनवरी:सीएमसीः काषी के विकास के लिए लघु उद्योगांे का विकास करना बहुत जरूरी है और इससे काषी खोई हुई प्रतिश्ठा वापस आ जायेगी। काषी में बिजली की सबसे बड़ी समस्या है जिसकी वजह से यहां के लघु उद्योग समाप्त होने की कगार पर है।


  वाराणसी के षहर दक्षिणी से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे डा. दयाषंकर मिश्र ‘दयालू‘ ने ‘‘क्लीन मीडिया‘‘ से विषेश बातचीत में कहा कि काषी में के लघु उद्योगों को फिर से चालू करना ही उनका मुख्य उद्देष्य है। अगर काषी का सम्पूर्ण विकास करना है तो यहां पुराने लघु उद्योगों को संरक्षित करना होगा तभी सही मायने में यहां पर विकास हो सकेगा।


 उन्होंने कहा कि उनकी विधानसभा में ही असली काषी बसती है जिसमें गौदोलिया का क्षेत्र आता है। गंगा के किनारे के घाट और उनसे लगे मोहल्ले भी इसी विधानसभा में आते है। यहां के लघु उद्योगों की किसी ने परवाह नहीं की और आज वह बंद होने की कगार पर है। उन्होंने कहा कि बिजली की समस्या के कारण यहां का मुख्य व्यवसाय पीतल के बर्तन, लकड़ी के खिलौने और बनारसी साड़ी का कारोबार पूरी तरह बन्द होने की कगार पर है। बनारसी साड़ी की बुनाई करने वाले बुनकर उसकी मेहनत का सही मूल्य नहीं मिल पता है। इस व्यवसाय में बिचैलिये पूरा मुनाफा हजम कर जाते है। इन सभी लघु उद्योगों को पुनः चालू करवाना ही मेरा मुख्य लक्ष्य है। यहां पर गलियों में चारो ओर फैली गन्दगी और अव्यवस्थित बिजली व्यवस्था को सही पर रास्ते पर लाने की कोषिष हो रही है।  


 उन्होंने कहा, ‘‘मैं भश्ट्राचार के खिलाफ हूं और मंै उत्तर प्रदेष में अन्ना जी जैसे लोगांे का स्वागत  करता हंू अन्ना अपने टीम के साथ ही उत्तर प्रदेष के भश्ट्र सरकार के विरूद्व प्रचार कर के लोगों को जागरूक करें।‘‘ साथ ही उन्होंने कहा कि अन्ना उत्तर प्रदेष में आने से पहले अपने टीम के सदस्यों को भश्ट्राचार से दूर करें।


   राहुल गांधी के ‘मिषन 2012‘ के प्रष्न के जवाब में उन्होंने कहा, ‘मंै कई वर्शांे तक यूथ कांग्रेस का जिलाध्यक्ष रहा हंू जिसकी वजह से वाराणसी का युवा मेरे साथ है और राहुल गांधी के मिषन को हम पूरा कर के दिखायेंगे। नये परिसीमन से मुझे फायदा हो रहा है और युवाओं के साथ बुजूर्गों का भी सहयोग मिल रहा है।‘


  एक प्रष्न के जवाब में उन्हांेने कहा कि हम विकास के नाम पर वोट मांग रहे है और हमारा आधार धर्म या जाति को जोड़ना नहीं हैं। अगर ऐसा होता तो कैंट विधानसभा में अड़तालीस हजार ब्राह्मण मतदाता है जिसको देखते हुए पार्टी को कैंट विधानसभा से प्रत्याषी बनाना चाहिए था लेकिन हमारा लक्ष्य विकास से लोगांे को जोड़ना है। उन्होंने जनता को सवाधान करते हुए कहा कि इस चुनाव में निर्दल चुनाव लड़ने वाले प्रत्याषियों भ्रम में न आये। ऐसे लोगों की पहचान सिर्फ चुनाव के समय ही होती है और चुनाव के बाद इन्हें ढूंढना भी मुष्किल हो जाता है।


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